उत्तराखंड, 2023: प्रदेश सरकार ने पर्वतीय जनपदों के किसानों की आय बढ़ाने के लिए मिलेट्स मिशन की शुरुआत की है। पिछले वर्ष 2023-24 में 1,900 मीट्रिक टन मिलेट्स की खरीद की गई थी, जबकि इस वर्ष अक्टूबर से शुरू हुई खरीद में 16,500 मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है।
मिलेट्स की खरीद से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि समितियों और महिला सहायता समूहों की आय में भी इजाफा हो रहा है। उत्तराखंड सहकारी संघ सीधे किसानों से मोटे अनाज की खरीद कर रहा है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है।
खरीद प्रक्रिया और निगरानी: 1 अक्टूबर से 269 सेंटरों के माध्यम से मिलेट्स की खरीद शुरू हो गई है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्वयं इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और किसानों का पूरा विवरण मोबाइल नंबर के साथ उपलब्ध कराया जाए।
महिला सहायता समूहों को प्रोत्साहन: मिलेट्स मिशन के तहत, महिला सहायता समूहों को प्रति कुंतल खरीद करने पर 150 रुपए और समितियों को 100 रुपए प्रति कुंतल का भुगतान किया जा रहा है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ महिला सहायता समूहों और समितियों की आय भी बढ़ रही है।
खरीद के आंकड़े: 2023 में 269 सेंटरों के माध्यम से 1,900 मीट्रिक टन मोटा अनाज खरीदा गया था। इस वर्ष 229 केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। मण्डुवा की कीमत 42.90 रुपए प्रति किलो पर किसानों से खरीदी जा रही है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4 रुपए अधिक है।
विभिन्न जनपदों में खरीदी:
- अल्मोड़ा: 910 किसानों से 1,664.12 कुंतल
- चमोली: 1007 किसानों से 4,586.46 कुंतल
- बागेश्वर: 450 किसानों से 1,907.86 कुंतल
- उत्तरकाशी: 1286 किसानों से 1,939.80 कुंतल
- पौड़ी: 430 किसानों से 1,599.26 कुंतल
- पिथौरागढ़: 589 किसानों से 945.73 कुंतल
- चंपावत: 297 किसानों से 226.45 कुंतल
- टिहरी: 1741 किसानों से 2,664.71 कुंतल
- रुद्रप्रयाग: 326 किसानों से 2,439.28 कुंतल
- नैनीताल: 396 किसानों से 896.84 कुंतल
- देहरादून: 15 किसानों से 22.83 कुंतल










