हरिद्वार में आज आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा ईगास पर्व पर राजकीय अवकाश दिए जाने की घोषणा की गई है।
दीपावली के 11 दिन बाद मनाए जाने वाले ईगास बग्वाल पर्व के दिन वर्षों से चली आ रही परंपरा को निभाया जाता है।
उन्होंने कहा की देवभूमि में इस दौरान भैलो खेलने का रिवाज है जोकि खुशियों को एक दूसरे के साथ बांटने का माध्यम है।
इस दिन रक्षा बंधन पर हाथ पर बंधे रक्षासूत्र को बछड़े की पूंछ पर बांधकर मन्नत पूरी होने के लिए आशीर्वाद मांगा जाता है।
उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति कु प्रतीक लोकपर्व ‘इगास’ पर अब छुट्टी रालि। हमारू उद्देश्य च कि हम सब्बि ये त्यौहार तै बड़ा धूमधाम सै मनौ, अर हमारि नई पीढी भी हमारा पारंपरिक त्यौहारों से जुणि रौ।
उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति कु प्रतीक लोकपर्व ‘इगास’ पर अब छुट्टी रालि वैसे इस बार रविवार पढ़ रहा है पर हर बार नही पड़ेगा मतलब ये की इगास पर्व पर अब राजकीय अवकाश हर बार रहेगा