“ELISA TECHNIQUE” पर चमनलाल महाविद्यालय में हुआ गेस्ट लेक्चर

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रूड़की : चमनलाल महाविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा “ELISA TECHNIQUE” पर एक गेस्ट लेक्चर का आयोजन किया गया जिसमे छात्र छात्रों को इस तकनीक के बारे में जानकारी दी गयी.

“ELISA TECHNIQUE” का विज्ञान में क्या रोल है और HUMAN BEING LIFE में इस तकनीक का कैसे इस्तेमाल किया जाता है इस पर विस्तृत जानकारी दी गयी है.

 डॉ ज्ञानेंद्र अवस्थी डॉल्फिन इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल साइंस मुख्य वक्ता रहे.

डॉक्टर अवस्थी ने बच्चों को एलाइज टेक्निक्स के बारे में अवगत कराया.

साथ ही यह भी बताया कि एलाईसा टेक्निक्स का इस्तेमाल कहां कहां किया जा सकता है.

क्या होती है “ELISA TECHNIQUE”

एलिसा (Enzyme-Linked Immunosorbent Assay) जैविक नमूनों/बायलॉजिकल सैंपलों में प्रोटीन, पेप्टाइड्स, हार्मोन या रसायनों के स्तर को मापने के लिए एक एंटीबॉडी आधारित तकनीक है.

महाविद्यालय अध्यक्ष राम कुमार शर्मा ने कहा कि भविष्य में इस तरह के गेस्ट लेक्चर होते रहने चाहिए ताकि छात्र छात्रों को अलग ज्ञान की प्राप्ति हो सके।

प्राचार्य डॉ सुशील कुमार ने डा अवस्थी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने बड़े ही सरल शब्दों में एलिसा जैसे जटिल विषय को समझाया।

लेक्चर में डॉक्टर दीपिका सैनी, डॉ प्रभात कुमार, डॉ किरण शर्मा,डा अनामिका चौहान ,दीपाक्षी आदि मौजूद रहे.

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