चमन लाल महाविद्यालय में “यूटरिन एंड ओवेरियन सिस्ट” पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन

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लंढोरा: चमन लाल महाविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग एवं वाणिज्य विज्ञान विभाग में यूटरिन एंड ओवेरियन सिस्ट, कारण,निदान और उपचार विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से आयोजित संगोष्ठी में देश भर से आए विद्वानों ने यूटरिन एवं ओवेरियन सिस्ट को लेकर श्रोताओं को महत्वपूर्ण जानकारियां दी।

मुख्य अतिथि रुद्रपुर से आई डॉक्टर उपासना ने कहा कि जब हमारे शरीर में किसी भी प्रकार की असामान्यता उत्पन्न होती है तब कहा जा सकता है कि हम किसी बीमारी से ग्रसित है।

इसीलिए बीमारी का पता लगाने के लिए आवश्यक है कि हमें शरीर की सामान्य स्थितियों का ज्ञान हो।

उन्होंने महिला हारमोंस के विषय में विशेष जानकारी देते हुए बताया कि हारमोंस में गड़बड़ी होने पर महिलाओं को कौन-कौन सी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता। उन्होंने ओवरी सिस्ट के लक्षणों को स्पष्ट करते हुए इसके उपचार के विषय में बताया।

उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में केवल अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव लाकर हम बहुत सारी शारीरिक एवं मानसिक परेशानियों को खुद से दूर रख सकते है।

विशिष्ट वक्ता उत्तरांचल विश्वविद्यालय की डॉ इंदिरा रौतेला ने पीसीओएस के कारणों के बारे में बात करते हुए इसके लक्षणों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आज हर 10 महिलाओं में से एक महिला पीसीओएस से पीड़ित है जो बहुत खतरनाक स्थिति है।

उन्होंने डिप्रेशन को इसका एक बड़ा कारण बताते हुए इसके उपचारों के विषय में विस्तार से चर्चा की।

एनएबीएल लैब देहरादून के डॉक्टर अंकिता सिंह ने पैपिलोमा वायरस के विषय में बताया और कहा कि यह वायरस कैंसर पैदा करने का मुख्य कारण है और इसके लक्षण बहुत देर में प्रकट होते हैं।

बहुत देर से पता लगने के कारण यह वायरस और अधिक खतरनाक हो जाता है। महाविद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष राम कुमार शर्मा ने कहा कि अक्सर देखने में आता है कि पूरे परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाली महिलाएं खुद के स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही बरतती है।

जिसके कारण कभी-कभी स्थिति बहुत खतरनाक हो जाती है। महिलाओं का अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

महाविद्यालय प्राचार्य डा सुशील उपाध्याय जी ने कहा कि आज की स्थिति को देखते हुए महिलाओं में जागरूकता फैलाना बहुत आवश्यक है तथा इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए जो महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के विषय में जानकारियां प्रदान करें और जागरूक करें।

इससे पूर्व संगोष्ठी की आयोजन सचिव डॉ किरण शर्मा ने संगोष्ठी के विषय की प्रासंगिकता और महत्व के विषय में बताया और कहा कि आज के समय में यूटरिन एवं ओवेरियन सिस्ट महिलाओं में तेजी से फैल रहा है।

शुरुआत में लक्षणों द्वारा इसे पहचान कर इसके उपचार को आसान बनाया जा सकता है।

संगोष्ठी संयोजक डॉक्टर दीपिका सैनी ने अतिथियों एवं शोधार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर विभिन्न शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।

संगोष्ठी के आयोजन में डॉ विधि त्यागी डॉ अपर्णा शर्मा डॉ अनीता शर्मा डॉ मीरा चौरसिया आदि का विशेष सहयोग रहा।

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